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EXCLUSIVE: चैंपियन गीता बोलीं ‘सिर्फ फिल्म दंगल नहीं है मेरी पहचान’, डोपिंग पर भी रखी बेबाक राय….

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शिवम् अवस्थी], नई दिल्ली: खिलाड़ियों की पहचान उनके सालों के संघर्ष और सफलताओं की देन होती है। कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट और एशियन गेम्स व विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर भारतीय महिला पहलवानी को नई दिशा देने वाली गीता फोगाट का भी यही मानना है। उनके व उनके परिवार पर आधारित आमिर खान की फिल्म दंगल ने बेशक लोकप्रियता में और जान फूंकी हो लेकिन असलियत आज भी जमीन से जुड़ी हुई है। गीता को प्रो-रेस्लिंग लीग की नीलामी में उत्तर प्रदेश की टीम ने 28 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया है। PWL के तीसरे सीजन के अनावरण के दौरान गीता ने zeehindinews  डिजिटल के शिवम् अवस्थी से खास बातचीत की जिसमें उन्होंने डोपिंग से लेकर अपनी वापसी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की। ये हैं उस इंटरव्यू के कुछ खास अंश..

 

– फिल्म ‘दंगल’ पिछले साल 23 दिसंबर को रिलीज हुई थी। पूरा एक साल हो गया है। जिंदगी में क्या बदलाव आए हैं, क्या फिल्म से मिली पहचान आपकी सफलताओं से मिली पहचान पर भारी पड़ी। आपकी क्या राय है?

गीताः फिल्म के बाद जाहिर तौर पर जिंदगी में बदलाव आया है। लोग और पहचानने लगे हैं। अच्छा लगता जब कहीं मुझसे या मेरे परिवार से लोग मिलते हैं तो कहते हैं कि उन्हें हमसे प्रेरणा मिलती है। लेकिन फिल्म से पहले जो मैंने सफलताएं हासिल कीं वो हमेशा ही मेरे लिए ज्यादा अहम हैं। ज्यादा खुशी तब मिलती है जब लोग मिलकर कहते हैं कि आपने देश के लिए मेडल जीते हैं और हमें आप पर गर्व है। तब अजीब जरूर लगता है जब लोग सिर्फ फिल्म को लेकर मुझे पहचानते हैं।

 

– डोपिंग का डंक पिछले कुछ सालों से कुश्ती को लगातार कलंकित करता रहा है, इसको रोकने के लिए क्या होना चाहिए ?

गीताः मुझे लगता है इसको रोकने की शुरुआत जिला स्तर पर ही हो जानी चाहिए। हाल ही में जब राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए मेरा डोप टेस्ट हुआ था, तब मैं किसी से वहां बात कर रही थी तो उन्होंने मुझे बताया कि उनके पास इतना बजट नहीं होता कि वो सही से इतने सारे टेस्ट करवा सकें। मेरा यही मानना है कि डोप टेस्ट बार-बार होने चाहिए चाहे वो जूनियर हों या सीनियर हों। जूनियर्स को इसकी जानकारी कम होती है, उन्हें जागरुक करने की जरूरत है।

 

– क्या डोपिंग सिर्फ कुश्ती व एथलेटिक्स जैसे व्यक्तिगत खिलाड़ियों वाले खेलों के लिए अहम है या टीम गेम के लिए भी बहुत जरूरी है ?

गीताः ये स्पोर्ट्स की ही बात है इसलिए चाहे सिंगल प्लेयर गेम हो या फिर टीम गेम, हर जगह ये टेस्ट किए जाने चाहिए। वहां भी खिलाड़ी होते हैं और यहां भी इसलिए हर खेल के खिलाड़ी को इससे गुजरना चाहिए।

 

– लेकिन हाल ही में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने तो साफ मना कर दिया कि उन्हें नाडा के नियमों के तहत क्रिकेटरों का डोप टेस्ट कराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि वो एक नेश्नल फेडरेशन नहीं है?

गीताः अब उस बारे में तो मैं उतना नहीं जानती लेकिन मेरा मानना यही है कि डोपिंग पर लगाम कसना बहुत जरूरी है क्योंकि ये खिलाड़ी और खेल दोनों के लिए नुकसानदायक है। फिर चाहे वो कोई भी खेल हो।

 

–  प्रो-रेस्लिंग लीग (PWL) को लेकर आपकी क्या उम्मीदें हैं क्योंकि आपने हाल ही में खेल में वापसी की है और ये आपके लिए बड़ा टेस्ट हो सकता है?

गीताः बहुत उम्मीदें हैं और बहुत मेहनत भी कर रही हूं। लोगों को शायद लग चुका था कि गीता ने कुश्ती छोड़ दी है। मुझे जुनून था कि मैं ट्रेनिंग करके वापसी करूंगी। रिएलिटी शो खतरों के खिलाड़ी से बाहर आने के बाद भी मैंने कहा था कि मेरा अगला लक्ष्य राष्ट्रीय चैंपियनशिप में अच्छा प्रदर्शन करना है। काफी समय के बाद मैट पर उतरी हूं इसलिए PWL मेरे लिए काफी अहम होगा।

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इसे इत्तेफाक कहिए या रणनीति, ये है वो फॉर्मूला जिसने भारत को बना दिया चैंपियन…

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शिवम् अवस्थी, नई दिल्लीः भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच मंगलवार को हुए पांचवें वनडे मैच में टीम इंडिया ने 73 रनों से जीत दर्ज करते हुए सीरीज पर 4-1 से कब्जा जमा लिया है। अब अंतिम व छठा वनडे में दक्षिण अफ्रीका सिर्फ लाज बचाने उतरेगा। भारतीय क्रिकेट टीम ने 25 साल में पहली बार दक्षिण अफ्रीकी जमीन पर सीरीज जीती है। इस सीरीज में यूं तो भारतीय स्पिनरों का योगदान शानदार रहा है लेकिन एक फॉर्मूला ऐसा भी रहा जिसने टीम इंडिया की जीत पुख्ता की। इसे इत्तेफाक कहें या रणनीति लेकिन विराट ने इस फॉर्मूले को सुपरहिट करके दिखाया है।

दूसरे विकेट का धमाल

यहां हम बात कर रहे हैं भारतीय बल्लेबाजी के शीर्ष क्रम यानी टॉप ऑर्डर की। सीरीज से पहले कप्तान विराट कोहली ने कहा था कि शीर्ष क्रम के तीन बल्लेबाजों की जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण है और इस पर ध्यान देना जरूरी होगा। भारतीय शीर्ष क्रम पर टेस्ट सीरीज में कई बार सवाल भी उठे लेकिन वनडे फॉर्मेट आते ही शीर्ष क्रम ने एक खास कमाल करके दिखाया है। दरअसल, पहले वनडे को अगर छोड़ दें तो बाकी के चारों मुकाबलों में टीम इंडिया ने दूसरे विकेट के लिए शानदार साझेदारी के दम पर भारत की स्थिति मजबूत की। इसमें तीन शतकीय साझेदारी थीं जबकि एक 93 रनों की साझेदारी।

हर ओर विराट

दूसरे विकेट के लिए हुई इन सभी साझेदारियों में विराट कोहली शामिल थे। विराट और दूसरे विकेट के लिए ये आंकड़े इत्तेफाक के साथ-साथ टीम की मजबूती का भी प्रमाण हैं। आप भी देखिए इन दिलचस्प आंकड़ों को..

– तीसरे नंबर के इस किंग बल्लेबाज ने दूसरे वनडे में शिखर धवन के साथ दूसरे विकेट के लिए 93 रनों की साझेदारी की।

– इसके बाद तीसरे वनडे में दूसरे विकेट के लिए फिर से धवन के साथ 140 रनों की साझेदारी की।

– फिर चौथे वनडे में एक बार फिर धवन के साथ 158 रनों की साझेदारी की।

– पांचवें वनडे में भी दूसरे विकेट का जलवा रहा और इस बार विराट ने रोहित शर्मा के साथ 105 रनों की साझेदारी की।

गजब का औसत

अगर बात करें औसत की तो दूसरे विकेट की साझेदारी के मामले में ये भारतीय क्रिकेट टीम का वनडे में ये दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन साबित हुआ (5 या उससे ज्यादा वनडे मैचों की सीरीज में)। भारत का दूसरे विकेट की साझेदारी में इस सीरीज में अब तक 132.50 का औसत रहा है। जिसमें पांच मैचों में तीन शतकीय और एक अर्धशतकीय साझेदारी शामिल है। अंतिम व छठे वनडे में भी अगर टीम इंडिया का ये पक्ष मजबूत रहा तो दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों की खैर नहीं।

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फेड कप: हांगकांग के खिलाफ करमन और अंकिता ने दिखाया दम, भारत को 2-0 की अजेय बढ़त…

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नई दिल्लीः अंकिता रैना ने अपना शानदार फार्म जारी रखा जबकि सहज गलतियों के बावजूद करमन कौर थांडी ने फेड कप 2018 में पहली जीत दर्ज करते हुए हांगकांग के खिलाफ भारत को 2-0 से अजेय बढ़त दिलाई ।

थांडी ने एक घंटे 24 मिनट तक चले मुकाबले में अपने से निचली रैंकिंग वाली यूडिस चोंग को 6-3, 6-4 से हराया। यह उनकी फेड कप करियर की दूसरी जीत है । इस जीत के साथ ही उनका चार मैचों की हार का सिलसिला भी थम गया । उन्होंने एक साल पहले कजाखस्तान के अस्ताना में पिछली बार फेड कप मैच जीता था ।

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दो हार के बाद इस जीत से करमन का आत्मविश्वास बढा होगा। उन्होंने पहली बार भारत को 1-0 से बढ़त दिलाई। कल अपने से ऊंची रैंकिंग वाले प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करने वाली करमन ने आज कई गलतियां की। प्रतिद्वंद्वी बेहतर होता तो उनके लिये आज जीत पाना मुश्किल हो जाता।

वहीं अंकिता ने लिंग झांग को 6-3, 6-2 से हराया। इस जीत के बाद युगल मुकाबला बेमानी हो गया है लेकिन फिर भी खेला जायेगा। भारत अब कल पूल बी की चौथे स्थान की टीम से खेलेगा। पिछले दो दिन से थकाउ मुकाबले खेलने वाली अंकिता ने आक्रामकता से कोई समझौता किये बिना शानदार खेल दिखाया। उन्होंने पांचवें गेम में 4-1 की बढ़त बना ली थी।

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झांग ने कुछ अच्छे शॉट लगाये लेकिन अंकिता ने उसकी सर्विस तोड़कर पहला सेट जीता। दूसरे सेट में भी उसने लय कायम रखते हुए झांग को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।

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