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विशेषः कोई यूं ही नहीं बन जाता है ‘हिटमैन’…

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नई दिल्लीः हर सफलता के पीछे कहानियां और एक संघर्ष भरी दास्तां होती हैं। लोग पर्दे के सामने की चकाचौंध और ऊंचे उठते कद को देख पाते हैं लेकिन कम ही लोग पर्दे के पीछे की हकीकत से वाकिफ होते हैं। भारतीय क्रिकेट में भी तमाम ऐसे नाम हैं जिनकी जिंदगी प्रेरित करती है लेकिन इनमें से एक नाम ऐसा है जिसे फैंस ने ज्यादातर सिर्फ मुस्कुराहट के साथ ही देखा है। साल खत्म होते-होते उन्होंने फिर कई रिकॉर्डतोड़ पारियां खेल डाली हैं, सब अच्छा चल रहा है..लेकिन इस खिलाड़ी ने फर्श पर रहते हुए इतना संघर्ष किया है कि आज उनको अर्श पर देखकर आप भी गर्व कर रहे हैं। आइए, मुंबई के एक आम लड़के से दिग्गज बनने तक के  संघर्षपूर्ण किस्सों से थोड़ा आपको भी प्रेरित करते हैं।

– संघर्ष के साथ शुरुआत

नागपुर के बनसोड में 30 अप्रैल 1987 को जन्मे रोहित शर्मा का जन्म एक ट्रांस्पोर्ट कंपनी के स्टोरहाउस की देखरेख करने वाले गुरुनाथ शर्मा के घर हुआ था। कोई भी बच्चा अपने माता-पिता के करीब रहना चाहता है लेकिन रोहित के साथ ऐसा नहीं हुआ। उनके पिता की कमाई बहुत कम थी, एक कमरे का घर था और उनके दो बेटे थे इसलिए फैसला हुआ कि एक बच्चा दादा-दादी के घर बोरीवली में रहेगा। रोहित को वहां रहना पड़ा। जबकि बड़ा भाई विशाल माता-पिता के पास रहा। वो हफ्ते के अंत में एक बार डोंबिविली जाते थे अपने माता-पिता से मिलने।

– अंकल के पैसों से क्रिकेट की शुरुआत

साल 1999 में उन्होंने अपने अंकल के पैसों से क्रिकेट कैंप में दाखिला लिया। वो रोज लोकल ट्रेन से बोरीवली से चर्च गेट तक का सफर तय करके आजाद मैदान में अभ्यास करने जाते थे। इसके बाद उनके कोच दिनेश लाड ने कहा कि वो अपना स्कूल बदलें ताकि उन्हें लाड के सानिध्य में सीखने का मौका मिल सके। रोहित के पास उस स्कूल के लिए इतने पैसे नहीं थे तो कोच ने स्कॉलरशिप दिला दी। शुरुआत तो एक ऑफ स्पिनर के रूप में हुई लेकिन उनकी बल्लेबाजी को देखकर कोच ने उनसे बल्लेबाजी करवाना शुरू कराया और देखते-देखते वो ओपनर बन गए। मुंबई स्कूल क्रिकेट से शुरुआत की और वहां के प्रतिष्ठित स्कूल टूर्नामेंट में शतक के साथ शुरुआत की।

– पहला झटका

लिस्ट-ए क्रिकेट में देवधर ट्रॉफी के मैच में रोहित ने 142 रनों की पारी के साथ वो सुर्खियों में आ गए। फिर इंडिया-ए के लिए भी अच्छा खेले और उनका नाम चैंपियंस ट्रॉफी टीम के 30 संभावितों में चुना गया लेकिन अंतिम टीम में उनको जगह नहीं दी गई।

rohit sharma

– फिर रणजी में भी शानदार आगाज

रोहित इसके बाद रणजी ट्रॉफी खेलने उतरे और कुछ ही मैचों के बाद मुंबई की तरफ से गुजरात के खिलाफ दोहरा शतक जड़ डाला। मुंबई ने उनके दम पर उस साल रणजी ट्रॉफी का खिताब भी जीता।

– पहली सीरीज में बल्लेबाजी ही नहीं आई

2007 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका आगाज तक हुआ जब भारत के आयरलैंड दौरे के लिए वनडे टीम में उनका चयन हुआ। उन्होंने डेब्यू भी किया लेकिन बल्लेबाजी का मौका ही नहीं आया।

– 2007 टी20 विश्व कप और ढलान

दक्षिण अफ्रीका में हुए पहले टी20 विश्व कप में रोहित ने शानदार बल्लेबाजी की, भारत ने वो टूर्नामेंट भी जीता। फिर उसी साल पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला वनडे शतक जड़ा और ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए चयन हुआ लेकिन फिर अचानक उनका फॉर्म बिगड़ने लगा। मध्यक्रम में उनकी जगह पहले सुरेश रैना ने खाई और फिर विराट कोहली की एंट्री के साथ अतिरिक्त बल्लेबाजी की जगह भी गंवा दी।

– फिर एंट्री, फिर नहीं मिला मौका

2009 में रणजी ट्रॉफी में तिहरा शतक जड़कर फिर उन्होंने सबका दिल जीता और वनडे टीम में जगह हासिल की। भारतीय टीम बांग्लादेश दौरे पर गई, वो भी गए लेकिन विराट और रैना को ही शीर्ष-11 में जगह मिली। रोहित पूरी सीरीज बाहर ही बैठे रहे।

rohit sharma

– टेस्ट टीम में मिली जगह लेकिन मैच की सुबह हो गए चोटिल

2010 में उन्हें टेस्ट टीम में चोटिल लक्ष्मण की जगह टीम में शामिल किया। उन्हें जिस मैच में डेब्यू करना था उसी सुबह फुटबॉल खेलते हुए वो चोटिल हो गए और उन्होंने डेब्यू का मौका गंवा दिया। उनकी जगह रिद्धिमान साहा को डेब्यू का अवसर मिल गया। देखते-देखते रैना, पुजारा और विराट ने इस प्रारूप में भी उनकी उम्मीदें खत्म कर दीं।

– हार नहीं मानी.. फिर वापसी की.. फिर बाहर हुए 

रोहित ने हालांकि हार नहीं मानी मई 2010 में जिंबाब्वे के खिलाफ शतक के साथ वनडे टीम में वापसी की और फिर अगले मैच में फिर श्रीलंका के खिलाफ भी शतक जड़ दिया। लेकिन फिर कुछ मैचों में फॉर्म खराब रहा और उन्हें 2011 विश्व कप टीम में जगह नहीं मिली।

– 2013 में फिर पकड़ी लय और अब तक..

इसके बाद आई 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी जहां धोनी ने उनको धवन के साथ ओपनिंग करने उतारा और अपना पसंदीदा स्पॉट मिलते ही रोहित ने जलवा बिखेरा, भारत चैंपियन बना। उसके बाद उनके कदम थमे नहीं और देखते-देखते हर प्रारूप में वो अपनी जगह पक्की करते चले गए। वनडे में सबसे बड़ी 264 रनों की विश्व रिकॉर्ड पारी खेली और फिर हाल में अपने तीसरे वनडे दोहरे शतक के साथ उन्होंने सभी रिकॉर्ड तोड़ डाले। फिर मुंबई इंडियंस के कप्तान बने और साल 2017 के अंत में विराट की गैरमौजूदगी में पहली बार भारतीय टीम की कमान संभालते हुए भी वनडे और टी20 सीरीज जिता दी।

– सफलताओं के बीच चोटें ही चोटें..

टीम से अंदर-बाहर होते रहना ही उनके संघर्ष का हिस्सा नहीं था। चोटें भी साथ लगी रहीं। 2014 में इंग्लैंड दौरे पर उनकी एक अंगुली टूटी और वो लंबे समय तक बाहर रहे।

rohit sharma

फिर 2015 में हैमस्ट्रिंग इंजरी हुई और इससे टीम इंडिया को बड़ा नुकसान हुआ। फिर 2016 में एशिया कप में पाकिस्तान के मोहम्मद आमिर ने यॉर्कर गेंद पर रोहित के पैर की एक अंगुली में गहरी चोट कर दी और वो बाहर हो गए। फिर उसी साल न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में उन्हें जांघ में चोट लगी जिसके लिए उन्हें लंदन में सर्जरी करानी पड़ी और वो 10-12 हफ्तों तक मैदान से बाहर रहे। इसके बाद इस साल यानी 2017 में वो वापसी करना चाहते थे और देवधर ट्रॉफी में खेल रहे थे लेकिन यहां उनके घुटने में चोट लग गई। उन्हें फिर बाहर होना पड़ा लेकिन रोहित ने कभी हार नहीं मानी और बार-बार वापसी करते रहे।

 

आज वो टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी हैं और हर फॉर्मेट में टीम की रणनीति का अहम हिस्सा भी। बार-बार वो टीम से बाहर हुए, कभी फॉर्म के कारण, कभी चोट के कारण लेकिन हमेशा अपनी प्रतिभा के दम पर उन्होंने वापसी की और खुद को साबित भी किया। आज ये हिटमैन विराट के मिशन 2019 का सबसे अहम सिपाही है।

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कमल हासन की राजनीतिक पारी की शुरुआत से पहले हुई ये घटना, कहीं अपशकुन तो नहीं?

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मदुरै: अभिनेता कमल हासन की पार्टी के गठन के आयोजन स्थल पर बुधवार को वहां लगाई गई बड़ी सी एलईडी स्क्रीन तेज हवाओं के कारण गिर गई। पुलिस ने बताया कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ। हासन के अपने राजनीतिक दल के नाम और झंडे के आगाज के पहले यह घटना हुई। जिले के ओटाकडाई में आयोजन स्थल पर पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। इस दौरान भारी संख्या में लोगों के आने की उम्मीद है। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल भी आयोजन में हिस्सा लेने वाले हैं।

प्रसिद्ध अभिनेता कमल हासन आज अपनी पार्टी लॉन्च करने जा रहे हैं। इस सिलसिले में बुधवार को वह रामेश्‍वरम में पूर्व राष्‍ट्रपति दिवंगत एपीजे अब्‍दुल कलाम के घर गए। वह रामेश्‍वरम में उस स्‍कूल भी जाने वाले थे, जहां से कलाम ने पढ़ाई की थी, लेकिन यह दौरा किन्‍हीं कारणों से रद्द कर दिया गया। हासन मंगलवार शाम रामेश्‍वरम पहुंचे थे, जहां समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया था। दक्षिणी तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में हासन जब अपने पैतृक गांव पहुंचे तो जोश और उत्‍साह से भरे समर्थकों ने उन्‍हें ‘भावी मुख्‍यमंत्री’ करार देते हुए नारेबाजी की।

हासन ने रामेश्‍वरम में पूर्व राष्‍ट्रपति दिवंगत एपीजे अब्‍दुल कलाम के भाई से मुलाकात की। इसके बाद वह यहां मछुआरों को संबोधित करने वाले हैं। वह यहां कलाम मेमोरियल भी जाएंगे। बाद में हासन मदुरै के लिए रवाना होंगे और रामनाथपुरम, मनामदुरै तथा अपने गृह नगर परमाकुडी में जनसभा को संबोधित करेंगे। पिछले महीने अपने राजनीतिक टूर की घोषणा करते हुए अभिनेता ने कहा था कि उनके विचार एक ‘बेहतर तमिलनाडु’ को लेकर कलाम के सपनों से मेल खाते हैं।

हासन ने मंगलवार को एक ट्वीट कर कहा था कि वह अपनी पार्टी लॉन्‍च करने जा रहे हैं और एक नए युग की शुरुआत के लिए होने वाले इस कार्यक्रम में शामिल होने वालों का वह स्‍वागत करते हैं। उन्‍होंने कहा था, ‘मैं अपनी नई पार्टी और इसकी नीतियों के बारे में बताने जा रहा हूं। आइये और नए युग के निर्माण में शामिल होइये। शाम 6 बजे मदुरै में ओठाकडई ग्राउंड पर पार्टी का झंडा फहराया जाएगा।’

हासन के पार्टी लॉन्‍च कार्यक्रम में दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी शामिल होने वाले हैं। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान वह जनसभा को संबोधित भी करेंगे। केजरीवाल ने सितंबर 2017 में हासन से चेन्‍नई में मुलाकात की थी। उस वक्‍त उन्‍होंने कहा था कि आज जबकि देश में भ्रष्‍टाचार और सांप्रदायिकता का बोलबाला बढ़ रहा है, समान सोच वाले लोगों को एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है।

पिछले साल ही अपनी राजनीतिक पार्टी लॉन्‍च किए जाने का संकेत देने वाले हासन ने पिछले दिनों केरल के मुख्‍यमंत्री पिनरई विजयन और पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी से भी मुलाकात की थी। वह DMK अध्‍यक्ष एम करुणानिधि और अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी सुपरस्‍टार रजनीकांत से भी मिले थे।

हालांकि DMK ने मंगलवर को हासन पर निशाना साधते हुए कहा कि कागज के वे फूल जिनमें खुशबू नहीं होती, वे केवल एक मौसम में खिलते हैं, लेकिन जल्द ही मुरझा जाते हैं। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने कार्यकर्ताओं को लिखे पत्र में कहा है, ‘DMK एक बरगद के वृक्ष की तरह है, जिसकी मजबूत जड़ और शाखाएं हैं। इसे कोई भी हिला नहीं सकता। पार्टियां एक मौसम में पैदा हो सकती हैं, लेकिन वे केवल एक कागज के फूल की तरह हैं, जिसके पास सुगंध नहीं है। वे जल्द ही मुरझा जाएंगे।’

हासन से मंगलवार को अभिनेता सीमान ने चेन्नई में मुलाकात की थी। सीमान वही अभिनेता हैं, जिन्‍होंने तमिल राजनीति में रजनीकांत की पारी का यह कहते हुए विरोध किया कि वह तमिल मूल के नहीं हैं। सीमान ने कहा कि वह भी रामनाथपुरम जिले के निवासी हैं और कमल ने उनसे मिलने की इच्छा जताई थी, लेकिन चूंकि वह बड़े हैं, इसलिए उन्‍होंने महसूस किया कि उन्हें उनके (हासन) घर जाना चाहिए। (भाषा इनपुट के साथ)

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दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश पर हमले के मामले में AAP विधायक गिरफ्तार…

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नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश पर कुछ आम आदमी पार्टी (AAP) विधायकों के कथित हमले को लेकर नाराज नौकरशाहों ने मंगलवार को कहा कि जब तक मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस घटना को लेकर माफी नहीं मांगेंगे तब तक वे केजरीवाल और उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगियों द्वारा बुलाई जाने वाली बैठकों का बहिष्कार करेंगे। इस मामले में मंगलवार रात AAP विधायक प्रकाश जरवाल को अंबेडकर नगर में उनके घर से गिरफ्तार किया गया।

मुख्यमंत्री के आवास पर दिल्ली के मुख्य सचिव के साथ कथित तौर पर मारपीट करने वाले AAP के विधायक प्रकाश जरवाल को मंगलवार रात हिरासत में ले लिया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उन्हें उनके देवली स्थित आवास से हिरासत में ले लिया गया। इस बात की संभावना है कि उन्हें बाद में गिरफ्तार कर लिया जाएगा। दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने आरोप लगाया है कि सोमवार रात मुख्यमंत्री के आवास पर एक बैठक के दौरान AAP विधायक अमानतुल्ला खान और अन्य ने उन पर हमला किया।

प्रकाश की शिकायतों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने खान और अन्य के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज कर ली है। इससे पहले, देवली के विधायक जरवाल और अंबेडनगर के AAP विधायक अजय दत्त ने दावा किया कि नौकरशाह ने जातिसूचक टिप्पणियां कीं। उन्होंने उनके खिलाफ दिल्ली पुलिस तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में एक शिकायत भी दर्ज कराई है।

उधर अधिकारियों की तीन एसोसिएशनों आईएएस (इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस), डीएएनआईसीएस (दिल्ली अंडमान एंड निकोबार आईलैंड्स सिविल सर्विस) तथा डीएसएसएस (दिल्ली सबऑर्डिनेट सर्विसेज सलेक्शन बोर्ड) ने मंगलवार रात एक बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि वे आम आदमी पार्टी के मंत्रियों के साथ लिखित में संवाद बनाए रखेंगे ताकि लोक सेवा आपूर्ति में कोई व्यवधान न हो।

संभागीय आयुक्त तथा आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन की महासचिव मनीषा सक्सेना ने कहा, तीनों एसोसिएशनों ने मुख्यमंत्री के आवास में मुख्य सचिव पर विधायकों के कथित हमले के विरोध में दिल्ली के सभी मंत्रियों की बैठकों का बहिष्कार करने का फैसला किया है।’ कथित घटना के विरोध में तीनों एसोसिएशनों के सदस्यों ने राजघाट पर मंगलवार को मोमबत्ती जुलूस भी निकाला।

 

इस बीच केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश पर हुए कथित हमले की निंदा की।  उन्होंने कहा, ‘मैं इस तरह के मामलों में जाना नहीं चाहता। मैं खुद 40 साल से अधिक समय तक नौकरशाह रहा हूं और मैंने (एक आईएएस अधिकारी के साथ) इस तरह का आचरण नहीं देखा।’ उन्होंने कहा, ‘मैं निजी स्तर पर बोल रहा हूं। इस तरह के आचरण की कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए।’

इस बीच दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को मुख्य सचिव प्रकाश पर कथित हमले को लेकर उनकी शिकायत पर आप विधायक अमानतुल्ला खान तथा अन्य के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की। प्रकाश का आरोप है कि आप विधायकों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर उनके साथ हाथापाई की। प्रकाश के प्राथमिकी दर्ज कराने के कुछ घंटे बाद दिल्ली के मंत्री इमरान हुसैन ने आरोप लगाया कि मंगलवार सुबह जब वह दिल्ली सचिवालय में एक एलीवेटर के लिए इंतजार कर रहे थे तब कुछ सरकारी कर्मचारियों ने उनके साथ धक्कामुक्की की।

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