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मालदीव पर मोदी-ट्रंप ने की फोन पर बातचीत, क्‍या होगा अगला रुख ?

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वाशिंगटन : मालदीव में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने दक्षिण एशिया के द्वीप देश में मौजूदा हालात के बारे में चर्चा की। बातचीत के केंद्र में उत्‍तर कोरिया और अफगानिस्‍तान भी रहे। दुनिया की दो बड़ी शक्तियों के बीच मालदीव पर हुई इस चर्चा ने द्वीप देश में भारत के ‘सैन्‍य दखल’ की संभावाओं को लेकर जारी तरह-तरह की अटकलों को एक फिर से हवा दे दी है।

इस संबंध में व्‍हाइट हाउस की ओर से जारी बयान के अनुसार, मोदी और ट्रंप ने मालदीव के हालात पर फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने मालदीव में गहराते राजनीतिक संकट पर चिंता जताई। उनके बीच उत्‍तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण, अफगानिस्‍तान के हालात और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

मोदी की ट्रंप से मालदीव मुद्दे पर यह बातचीत ऐसे में समय में हुई है, जब वह शुक्रवार से ही ओमान, यूएई और फिलीस्‍तीन की यात्रा पर रवाना होने वाले हैं और भारत समर्थक समझे जाने वाले मालदीव के पूर्व राष्‍ट्रपति मोहम्‍मद नशीद लगातार भारत और अमेरिका से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

मालदीव संकट : हिंद महासागर में अपना दबदबा बनाना चाहता है चीन

भारत और अमेरिका के प्रगाढ़ होते संबंधों के बीच ट्रंप और मोदी की यह इस साल पहली बातचीत रही। व्‍हाइट हाउस ने कहा, ‘दोनों नेताओं ने मालदीव में जारी राजनीतिक संकट पर चिंता जताई और वहां लोकतांत्रिक मूल्‍यों का सम्‍मान करने तथा कानून के शासन की स्‍थापना पर जोर दिया।’

व्‍हाइट हाउस के अनुसार, दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और आपसी हित में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। उन्‍होंने अफगानिस्‍तान की सुरक्षा और स्थिरता को लेकर अपनी प्रतिबद्धता भी जताई। प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप के बीच म्‍यांमार के हालात तथा वहां रोहिंग्‍या मुलसलमानों की स्थिति पर भी चर्चा हुई।

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बांग्‍लादेश में इस वक्‍त 680,000 रोहिंग्‍या शरणार्थी रह रहे हैं, जो वहां की अर्थव्‍यवस्‍था पर बड़ा बोझ डाल रहे हैं। उनकी वापसी को लेकर हाल ही में म्‍यांमार और बांग्‍लादेश के बीच एक सहमति बनी है। लेकिन अमेरिका का मानना है कि यह रोहिंग्‍या शरणार्थियों के म्‍यांमार लौटने का उचित समय नहीं है।

फोन पर हुई इस बातचीत में मोदी और ट्रंप ने उत्‍तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रमों पर रोक लगाने के मुद्दे पर भी चर्चा की। व्‍हाइट हाउस के अनुसार, दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका के बीच ‘2+2’ मंत्री स्‍तरीय वार्ता से पहले सुरक्षा मजबूत करने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।

भारत और अमेरिका के बीच ‘2+2’ मंत्री स्‍तरीय वार्ता इस साल अप्रैल में होनी है, जिसमें भारत की ओर से विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण हिस्‍सा लेंगी, जबकि अमेरिका की ओर से विदेश मंत्री रेक्‍स टिलरसन और रक्षा मंत्री जेम्‍स मैट्टिस हिस्‍सा लेंगे। इसकी घोषणा जून 2017 में मोदी और ट्रंप की मुलाकात के बाद की गई थी।

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राजनीति

पाकिस्तान की सराहना करने के मामले में मणिशंकर अय्यर के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज…

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कोटा: राजस्थान के कोटा जिले में भाजपा के एक नेता ने कराची में एक कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान की सराहना करने और कथित तौर पर भारत का अपमान करने को लेकर निलंबित कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के खिलाफ देशद्रोह एवं मानहानि का मामला दर्ज किया है।

पाकिस्तानी मीडिया में चल रही खबरों में कहा गया है कि 11 फरवरी को एक कार्यक्रम में अय्यर ने पाकिस्तान की यह कहते हुए सराहना की थी कि वह भारत के साथ बातचीत के जरिये मुद्दों को सुलझाना चाहते हैं। कोटा में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने भाजपा के कोटा जिले की ओबीसी शाखा के प्रमुख अशोक चौधरी ने मामले को स्वीकार कर लिया और मामले की अगली सुनवाई की तारीख मंगलवार को निर्धारित कर दी।

गौरतलब है कि अय्यर ने कराची में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि भारत-पाकिस्तान मुद्दे को बातचीत के जरिए हल करने को पाकिस्तान तैयार है लेकिन भारत इसके लिए तैयार नहीं है। अय्यर ने कहा, ‘पाकिस्तान में जितना प्यार मुझे मिलता है, हिन्दुस्तान में उतनी ही दुश्मनी नहीं मिलती है। यहां हजारों लोग जिन्हें मैं जानता नहीं हैं, वे आकर मुझसे गले लगते हैं। मैं यहां आकर खुश हूं। यहां मेरी बातों पर तालियां बजती हैं क्योंकि मैं शांति की बात करता हूं।’

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पीएम मोदी से मिले ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी, रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश और ऊर्जा पर हुई बात…

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नई दिल्ली: सुरक्षा, व्यापार एवं ऊर्जा के प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को मजबूती देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी से बातचीत की, जिसके बाद दोनों पक्षों ने 9 समझौतों पर दस्तखत किए जिसमें दोहरे कराधान से जुड़ा एक समझौता भी शामिल है। अपनी व्यापक बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया, ‘व्यापार एवं निवेश, ऊर्जा, संपर्क, रक्षा एवं सुरक्षा और क्षेत्रीय मुद्दों पर दोनों नेताओं ने ठोस एवं लाभकारी चर्चा की।’ रूहानी के साथ एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि ईरानी राष्ट्रपति की यात्रा दिखाती है कि दोनों देश कैसे संपर्क सहित प्रमुख क्षेत्रों में अपने सहयोग को मजबूत बनाना चाहते हैं।  अपनी विस्तृत वार्ता का ब्योरा देते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य चुनौतियों से पैदा हुए खतरों पर चर्चा की।

रूहानी ने कहा, ‘हम आतंकवाद एवं चरमपंथ से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’ ईरानी नेता ने यह भी कहा कि कूटनीति एवं राजनीतिक पहलों के जरिए क्षेत्रीय संघर्ष सुलझाए जाने चाहिए। पीएम मोदी ने रणनीतिक तौर पर अहम चाबहार पोर्ट को विकसित करने में प्रदर्शित किए गए नेतृत्व के लिए रूहानी की तारीफ भी की।

दोहरे कराधान समझौते के अलावा दोनों देशों ने प्रत्यर्पण संधि को अनुमोदित करने के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया। वीजा प्रक्रिया आसान बनाने का भी संकल्प किया गया। इससे पहले, राष्ट्रपति भवन में रूहानी का स्वागत किया गया। सुबह विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रूहानी से मुलाकात की और उनसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

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