Connect with us

न्यूज़

पाक-चीन की बढ़ती चुनौती के बावजूद डिफेंस को 1962 के बाद सबसे कम बजट…

Published

on

नई दिल्ली : वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मोदी सरकार के मौजूदा कार्यकाल के अंतिम पूर्णकालिक बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए 2.95 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. 2017-18 में रक्षा बजट के लिए 2.79 लाख करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान की तुलना में आवंटन में वृद्धि 5.91 प्रतिशत और 2.74 लाख करोड़ रुपये के बजट अनुमान की तुलना में वृद्धि 7.81 प्रतिशत है. यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि रक्षा बजट के लिए आवंटन 2018-19 के संभावित जीडीपी का लगभग 1.58 फीसदी है. यह 1962 के चीन युद्ध के बाद अब तक का सबसे कम रक्षा बजट है. विशेषज्ञों के अनुसार पाकिस्तान और चीन सीमाओं पर सशस्त्र बलों की बढ़ती चुनौती के बीच रक्षा बजट में यह बढ़ोतरी उम्मीदों के अनुसार नहीं है.

पिछले साल 6.2 प्रतिशत बढ़ा था रक्षा बजट
रक्षा बजट के लिए आवंटित कुल 2,95,511 करोड़ रुपये की राशि में से केवल 99,947 करोड़ रुपये नए हथियारों, विमानों, जंगी जहाजों और अन्य सैन्य साजोसामान की खरीद के वास्ते पूंजीगत व्यय के लिए निर्धारित किए गए हैं. आवंटन को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 1.58 प्रतिशत और 2018-19 के लिए 24,42,213 करोड़ रुपये के कुल बजट का 12.10 प्रतिशत आंका गया है. रक्षा क्षेत्र के राजस्व व्यय के रूप में 1,95,947 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है जो वेतन भुगतान और रक्षा प्रतिष्ठानों की देखरेख पर खर्च होगी. वित्त वर्ष 2016-17 के मुकाबले पिछले साल रक्षा बजट में 6.2 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी. 2015-16 की तुलना में 2016-17 के लिए रक्षा बजट में 9.76 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी.

रक्षाकर्मियों के पेंशन मद में आवंटन 26.60 फीसदी बढ़ा
रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस बार रक्षा बजट के लिए आवंटित 2,95,511 करोड़ रुपये में से 99,947 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए हैं, जो सेना के तीनों अंगों के आधुनिकीकरण पर खर्च किए जाएंगे. रक्षा क्षेत्र के राजस्व व्यय के लिए 1,95,947 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जिसमें वेतन, प्रतिष्ठानों के रखरखाव और अन्य संबंधित खर्च शामिल हैं. रक्षाकर्मियों के पेंशन के लिए इन आवंटनों से इतर 1,08,853 करोड़ रुपये की अलग राशि का प्रावधान किया गया है. रक्षा पेंशन के लिए रकम में पिछले साल के 85,740 करोड़ रुपये के आवंटन की तुलना में 26.60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

जेटली ने अपने बजट भाषण में देश की सीमाओं पर चुनौतियों से निपटने और जम्मू-कश्मीर तथा पूर्वोत्तर क्षेत्रों में आंतरिक सुरक्षा के माहौल को मैनेज करने में सशस्त्र बलों की भूमिका की सराहना की. उन्होंने कहा कि सरकार दो रक्षा औद्योगिक उत्पादन कॉरिडोर विकसित करेगी और घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल सैन्य उत्पादन नीति लेकर आएगी.

जेटली ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्ष में रक्षाबलों की अभियानगत क्षमता को आधुनिक बनाने और मजबूत करने पर काफी जोर दिया गया है. हालांकि जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के जरिये घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उद्योग अनुकूल ‘रक्षा उत्पादन नीति 2018’ भी लेकर आएगी. उन्होंने कहा कि देश को रक्षा जरूरतों के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के वास्ते भारत की मूल रक्षा उत्पादन क्षमता के विकास के लिए कई उपाय किए गए हैं. उन्होंने कहा कि रक्षा उत्पादन क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को उदार बनाने के साथ-साथ निजी निवेश के द्वार खोले गए हैं.

next

Follow me in social media
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़

PNB Fraud: PNB को दूसरे बैंकों के पूरे 11,300 करोड़ चुकाने होंगे: RBI…

Published

on

नई दिल्ली: पूरे पीएनबी घोटाले में नया मोड़ आ चुका है। बैंकों के रेगुलेटर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कहा है कि पीएनबी को 30 बैंकों को 11,300 करोड़ रुपए देने होंगे। ईटी को मामले की जानकारी रखने वाले 2 बैंकर्स ने जानकारी दी है। अगर पंजाब नेशनल बैंक ने ऐसा नहीं किया तो पूरे बैकिंग सिस्टम पर संकट आ जाएगा। इस पूरे मामले पर रिजर्व बैंक ने दूसरे बैंकों के साथ बैठक की। बैठक में शामिल एक बैंकर ने बताया कि रिजर्व बैंक ने साफ कहा है कि पीएनबी को पूरी देनदारी चुकानी होगी। अगर पीएनबी पैसा नहीं देता है तो पीएनबी और 30 दूसरे बैंकों को दोगुनी प्रोविजनिंग करनी होगी। रिजर्व बैंक ने इस पूरे मामले में कोई जवाब नहीं दिया है।

PNB Fraud: PNB ने कहा सभी देनदारी चुकाएंगे, मोदी ने ईमेल से संपर्क किया

क्या कहा रिजर्व बैंक ने
– रिजर्व बैंक ने पीएनबी ने कहा की 30 बैंकों को 11,300 करोड़ रुपए देने होंगे
– रिजर्व बैंक को दूसरें बैंकों को पैसे देने होंगे
– कल कई बैंकों के सीईओ से रिजर्व बैंक की बैठक हुई
– पीएनबी बैंक वित्त मंत्रालय से मदद मांग रहा है
– रिजर्व बैंक का नियम है कि किसी कर्मचारी ने अवैध ट्रांजैक्शन किया तो बैंक को पैसा देना होगा
– अगर बैंक ने पैसा नहीं दिया तो 22 हजार करोड़ की प्रोविजनिंग करनी होगी

क्या है पूरा मामला
बैकिंग सिस्टम के इस बड़े फ्रॉड को नीरव मोदी और उनकी कंपनी ने पीएनबी से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग से अंजाम दिया। ये लेटर ऑफ अंडर टेकिंग नीरव मोदी और उसके चाचा मेहुल चौकसी की कंपनी के आधार पर दिया गया था। ये एक तरह का क्रेडिट नोट था। इस लेटर को आधार बनाकर नीरव मोदी ने 30 बैंकों से 11300 करोड़ रुपए कर्ज लिया। ये फ्रॉड पीएनबी की मुंबई की ब्रेडी हाउस ब्रांच में चल रहा था। पीएनबी के मुताबिक दूसरी बैंकों ने भी रिजर्व बैंक के नियमों का उल्लघंन किया है।

पिछले महीने पता चला घोटाले का

11 हजार करोड़ के घोटाले में पीएनबी एक कॉन्फ्रैंस कर कहा कि उनको जनवरी के तीसरे हफ्ते में इस घोटाले का पता चला। PNB के एमडी और सीईओ सुनील मेहता ने कहा कि पीएनबी ने 29 जनवरी को हम सीबीआई के पास शिकायत की। उन्होंने कहा कि बैंक के 2 कर्मचारी ने 3 कंपनियों के साथ मिलकर ये फ्रॉड किया है। मेहता ने कहा कि ये घोटाला 2011 से चल रहा है। उनके मुताबिक बैंक की जो देनदारी बनती है वो उसको चुकाएंगे। इसके लिए वो दूसरे बैंकों से बात कर रहे हैं। इस पूरे मामले में नीरव मोदी आरोपी है। उन्होंने कहा कि नीरव मोदी ने बैंक से कहा कि कर्ज चुकाने के लिए तैयार है। मेहता ने कहा कि हमने नीरव मोदी को पैसे चुकाने का प्लान बनाकर देने के लिए कहा है।

Follow me in social media
Continue Reading

न्यूज़

सात वर्षीय बच्ची से रेप, पाकिस्तानी कोर्ट ने 4 दिन में सुनाई फांसी की सजा…

Published

on

लाहौर : पाकिस्तान की एक आतंकवाद निरोधी अदालत ने सात वर्षीय बच्ची से बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में शनिवार को एक सीरियल किलर को मौत की सजा सुनाई। देश के इतिहास में यह पहला मौका है जब महज चार दिन में मामले की सुनवाई पूरी कर ली गई।

कड़ी सुरक्षा के बीच कोट लखपत जेल में एटीसी जज सज्जाद हुसैन ने सजा सुनाई। उन्होंने 23 वर्षीय इमरान अली को बच्ची के अपहरण, नाबालिग से बलात्कार, बच्ची की हत्या और अव्यस्क से अप्राकृतिक कृत्य करने का दोषी पाते हुए मौत की सजा मुकर्रर की।

इमरान को नाबालिग के शव को क्षत विक्षत करने के मामले में सात वर्ष की सजा के साथ दस लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। इस नृशंस वारदात की पूरे देश में घोर भर्त्सना हुई थी और लोगों में आक्रोश के भाव देखने को मिले थे।

Follow me in social media
Continue Reading

Facebook

NEWSLETTER

Trending